(function(){ var s = document.createElement('script'); s.src = 'https://writeacustomerreview.com/review/wix_jsonld.php?instance=1c647874-4903-4531-abfe-969aa2cc38be'; s.async = true; (document.head || document.documentElement).appendChild(s); })();
top of page

सुरेन्द्र कल्याण जी गांव बुटाना तहसील नीलोखेड़ी जिला करनाल (हरियाणा) के रहने वाले है आपका जन्म जून 1995 में हुआ। आपका जीवन बचपन से संघर्ष में रहा है जीवन की चुनौतियां ने आपका लिखने की ओर रुख किया, समाज की कमियों और जीवन शास्त्र को लिखना आप का प्रमुख विषय रहा है। सुरेन्द्र कल्याण जी मानते हैं कि उन्हें कविताओं से बेहतर कोई नहीं जानता इसलिए उनका सबसे सटीक परिचय उनकी कविताओं के अलावा कही और नहीं मिल सकता। सुरेन्द्र अपनी कविताओं को लेकर कोई दावा नहीं करते। वे अपनी कविताओं को कविता कहे जाने के पक्ष में भी नहीं रहते। वे मानते है कि वो जो कुछ लिखते है वह उनकी अनुभूति की सहज अभिव्यक्ति है जो शब्दों के रूप में उतर आती है ।

सुरेन्द्र कल्याण बुटाना द्वारा रचित "समाज" हरियाणवी कविता संग्रह सामाजिक गतिविधियों को प्रदर्शित करता है जिसमें सारी कविताएं हमे समाज के दर्शन करवाती है और जो आज समाज में हो रहा है लोग कैसे एक दूजे से जल रहे है सास बहू का रिश्ता, युवा बेरोजगार क्यों है, लड़कियों की क्या मानसिकता है, आज का समाज और पुराना दौर, बड़ती तकनीकी में रुलती संस्कृति, लोगो की चालबाजियां, गांव और शहरों का माहौल जैसे मुद्दों का कवि जीकर करते नजर आते है आप इस संग्रह से जान पाएंगे सामाजिक चेतना, सामाजिक सोच, सामाजिक व्यहवार। आशा करते है यह किताब "समाज" समाज हित में अपनी खूब भूमिका निभाएगी।

Samaj

₹200.00Price
Quantity
    No Reviews YetShare your thoughts. Be the first to leave a review.
    bottom of page