Author - Rajesh Asudani “Raqeeb”
थामना हाथ' केवल सिन्धी ग़ज़लों का हिन्दी अनुवाद नहीं, बल्कि उत्तर-आधुनिक जीवन के अकेलेपन, अंतर्विरोधों, मानवीय सम्वेदनाओं और रिश्तों के खोखलेपन को जमालियत (सौंदर्यशास्त्र) के धागे में पिरोने वाली एक मुकम्मल कोशिश है। मूल रचनाकार डॉ. विनोद आसूदाणी ने सिन्ध और सिन्धी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक संदर्भों के साथ जिस इंटेलेक्चुअल रंग में रंगा है, उसे राजेश आसूदाणी 'रक़ीब' ने वज़न, बहर और रदीफ़-क़ाफ़िये की शुद्धता के साथ हिन्दी के पाठकों के लिए सहेज दिया है। यह संग्रह ख़याल की बुलंदी और एहसास की सूक्ष्मता का एक अनूठा संगम है।
