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Interview - Author Vivek Kumar Tiwari



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1. अपने बारे में बताइए ?


उत्तर - सर्वप्रथम समस्त पाठकगण को मेरा स्नेह भरा नमस्कार । मेरा नाम विवेक कुमार तिवारी है, मैं मूलतः माऊरबोझ, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ एवं वर्तमान में दोहा-क़तर में रह रहा हूँ । मैंने आठवीं तक की पढ़ाई गाँव के सरकारी विद्यालय से करने के बाद मैट्रिक सर्वोदय इंटर कॉलेज घोसी से किया । तत्पश्चात इंटरमीडिएट हरदेव इंटर कॉलेज नेवादा, भीमपुरा से तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से हिंदी और संस्कृत से स्नातक किया । हिंदी विषय के प्रति अप्रतिम रुझान के कारण ही सनराइज विश्वविद्यालय अलवर से हिंदी विषय में परास्नातक पूर्ण किया और डॉ० सी. वी. रामन विश्वविद्यालय से हिंदी विषय से बी.एड. पूर्ण करने के उपरांत हिंदी भाषा की सेवा में अपना संपूर्ण योगदान दे रहा हूँ।


2. आपका क़तर जाना कब और क्यों

हुआ?

उत्तर : सन 2021 में मैं बिड़ला पब्लिक स्कूल गंगानगर राजस्थान में अध्यापन कार्य कर रहा था । उस समय मैंने बिड़ला पब्लिक स्कूल दोहा-क़तर में हिंदी अध्यापक का विज्ञापन देखा । उसे देखने के बाद मन में यह भाव आया कि विदेश में भी हिंदी भाषा की सेवा की जाए तथा सच कहूँ तो तनख्वाह भी अच्छी थी तो मैने वहाँ जाने का निर्णय लिया । 29 अगस्त 2021 से मैने ऑनलाइन अध्यापन करना शुरू किया तथा 14 दिसंबर 2021 को मैं क़तर पहुँचा ।


3. क़तर में अपने वर्तमान जीवन पर प्रकाश डालिए ।


उत्तर : क़तर सर्व सुविधा सम्पन्न राष्ट्र है जहाँ सबको हर तरह की सुरक्षा और सुविधा मिलती है । बिना भेदभाव के यहाँ सब लोगों को स्वतंत्र रूप से अपने कार्य करने का अवसर मिलता है । यही कारण रहा कि यहाँ कार्य करने के साथ ही लेखन पर भी मैं ध्यान दे सका ।


4. अपने साहित्य के प्रति प्रेम को आप कैसे परिभाषित करेंगे?


उत्तर : साहित्य में मेरी रुचि बचपन से ही रही है जब मैं तोतली ज़बान में भी कहानी और कविताएँ सुनाया करता था । बड़े होने के बाद कॉलेज में भी अनेक महान कवियों की कृतियाँ पढ़ने का अवसर मिला जिससे पठन-पाठन में विशेष रुचि जागृत हुई । साहित्य प्रेम ही एकमात्र कारण था जिसके कारण मैं व्यस्त होने के बावजूद कविताएँ लिखने में सफल रहा ।


5. आपकी पहली किताब 'श्रेष्ठ काव्य' के बारे में बताइए ।

उत्तर : अपने पहले काव्य संग्रह 'श्रेष्ठ काव्य' में मैंने समाज, राजनीति, देशभक्ति और सामान्य विषयों पर हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए काव्य सृजन का प्रयास किया है ताकि पढ़ने में सबकी रुचि जागृत हो तथा नई पीढ़ी में कुछ बदलाव आ सकें । इसके द्वारा जीवन में आने वाले संघर्ष से जूझने का हौसला देने तथा मातृभाषा हिंदी के प्रति लगाव लाने का भी पूर्ण प्रयास किया है ।

'श्रेष्ठ काव्य' में मैंने अपने जीवनकाल के अनुभवों को आधार बनाकर काव्य सृजन किया है तथा जीवन के हर पहलू को काव्य रूप में उकेरने का श्रेष्ठ प्रयास किया है ।


6. आप किन विषयों पर लिखना पसंद करते हैं?

उत्तर : मैंने हमेशा अपने अनुभव को आधार बनाकर लेखन कार्य किया है । समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए सामाजिक, राजनीतिक विषयों के साथ-साथ शिक्षा, रोज़गार, देशभक्ति, राजभाषा हिंदी तथा ज्वलंत मुद्दों पर लेखन का प्रयास करता हूँ ।


7. हिन्दी पाठक वर्ग को आप क्या सलाह देना चाहेंगे?

उत्तर : हिंदी पाठक वर्ग प्रबुद्ध वर्ग है जो विषयों को भली-भाँति समझता है। मैं पाठकगण से निवेदन करूँगा कि हिंदी भाषा में रुचि जागृत करने हेतु अधिक से अधिक साहित्य में रुचि दिखाएँ जिससे आप हिंदी भाषा के लेखन कार्यों का सही उपयोग कर पाएँगे। साहित्य के द्वारा प्राप्त सीख को अपने जीवन में उतारकर देश को आगे बढ़ाने का सम्माननीय कार्य करें एवं आने वाली पीढ़ी के लिए ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करें ।



 
 
 

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